नयी दिल्ली , नवंबर 16 -- दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने परिष्कृत 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले के पीछे एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है और 71 वर्षीय एक महिला से कथित तौर पर 49 लाख रुपये ठगने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। कथित तौर पर, धोखाधड़ी करने वालों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर पीड़िता को लगभग 24 घंटे तक आभासी कारावास में रखा।

बुज़ुर्ग पीड़िता की औपचारिक शिकायत के बाद जाँच शुरू की गई। अपराधियों ने महिला को यह विश्वास दिलाने के लिए कि उसके खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई हो रही है, फर्जी आधिकारिक संचार, धमकी और मनोवैज्ञानिक हेरफेर का इस्तेमाल किया और उसे विभिन्न बैंक खातों में भारी रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

पुलिस टीमों ने एक समन्वित अभियान में लखनऊ में अमीनाबाद, हसनगंज, मदीना गंज और सदर कैंट सहित कई स्थानों पर छापे मारे। हिरासत में लिए गए छह लोगों की पहचान मोहम्मद ओवैस (25), विशाल तिवारी (19), शकील अहमद (53), मोहम्मद अहद (25), मोहम्मद आतिफ (25) और मोहम्मद उज्जैब (25) के रूप में हुई है।

पुलिस उपायुक्त (साइबर) आदित्य गौतम ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित साइबर-वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने में एक महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने आगे कहा कि नेटवर्क से जुड़े अन्य गुर्गों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।

पुलिस ने खुलासा किया कि आरोपी, जिनमें से कई सामान्य पृष्ठभूमि से थे और दिहाड़ी मजदूर, दर्जी या निजी सहायक के रूप में काम करते थे, को अवैध धन को सफेद करने के लिए 'फर्जी' बैंक खाते खोलने और संचालित करने के लिए भर्ती किया गया था।

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