पटना , जुलाई 28 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य को अपराध मुक्त एवं सभी वर्गों की सुरक्षा करने का जो संकल्प लिया था, उसी के तहत बिहार पुलिस और प्रशासन ने "नया सवेरा अभियान" की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य बाल श्रम, मानव तस्करी, बाल विवाह और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध व्यापक जागरूकता एवं बचाव कार्य होना है।सरकार के नेतृत्व में राज्य स्तर पर मानव व्यापार एवं संबंधित अपराधों के विरुद्ध चलाये जा रहे समकालीन अभियानों की सफलता को ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस व प्रशासन ने 01 जुलाई 2026 से 14 जुलाई 2026 तक विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ ) के सहयोग से ऑपरेशन "नया सवेरा 3.0" संचालित किया। जिसमें पहले चरण में 15 दिन का "नया सवेरा" एवं उसके बाद एक माह तक जारी "नया सवेरा 2.0" के सफल परिणामों के बाद यह तीसरा विशेष अभियान चलाया गया है।

अभियान में बाल श्रम के मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया और कुल 25 कांड दर्ज किये गए, जिनमें से 60 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया। वहीं लैंगिक अपराध और ऑर्केस्ट्रा/डांस ग्रुप से संबंधित 9 कांडों में 25 नाबालिग बच्चियों को छुड़ाया गया तथा 1 महिला सहित कुल 5 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

अनैतिक देह व्यापार के अंतर्गत कुल 12 कांड दर्ज किए गए, जिनमें 23 नाबालिग समेत कुल 53 पीड़ितों को मुक्त कराया गया और 52 महिलाओं समेत कुल 88 मानव तस्करों को पकड़ा गया। अन्य प्रकार के मानव व्यापार से जुड़े कुल 6 कांडों में 4 नाबालिग बच्चियों तथा 15 नाबालिग बच्चों (कुल 19 पीड़ित) को बचाया गया और 4 महिलाओं समेत कुल 16 मानव तस्करों को हिरासत में लिया गया।

बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार इस अभियान के तहत मुक्त कराई गई पीड़िताओं में पश्चिम बंगाल की 13, उड़ीसा की 15, छत्तीसगढ़ की 3, उत्तर प्रदेश की 1 और असम की 1 पीड़िता शामिल हैं, साथ ही नेपाल की 2 पीड़िताओं को भी अभियान में बचाया गया है। राज्य से बाहर पाई गई सभी पीड़िताओं को उनके गृह जिलों तक सुरक्षित भेजने के लिए संबंधित जिला स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।

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