चंडीगढ़ , अगस्त 27 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मिर्चपुर कांड, रोहतक के अपना घर मामले, मानेसर मारुति हिंसा और भगाणा कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस आज सामाजिक न्याय और महिला सुरक्षा की बातें करती है, लेकिन उसके शासनकाल की घटनाएं उसकी संवेदनहीनता की गवाही देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अप्रैल 2010 को हिसार के मिर्चपुर गांव में दलित बस्ती पर हमला हुआ था। घरों में आग लगाई गई और 70 वर्षीय ताराचंद तथा उनकी दिव्यांग बेटी सुमन को जिंदा जला दिया गया। सैकड़ों दलित परिवारों को गांव छोड़ना पड़ा और मामले की सुनवाई हरियाणा से बाहर दिल्ली स्थानांतरित करनी पड़ी।
उन्होंने मई 2012 के रोहतक के 'अपना घर' कांड का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त आश्रय-गृह में रहने वाली अनाथ, बेसहारा और मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चियों व महिलाओं के यौन, शारीरिक और मानसिक शोषण के गंभीर तथ्य सामने आए थे। उन्होंने सवाल किया कि जो सरकार असहाय बेटियों के आश्रय-गृह को सुरक्षित नहीं रख पाई, उसके प्रतिनिधि आज महिला सुरक्षा पर किस नैतिक अधिकार से बोल रहे हैं।
श्री सैनी ने जुलाई 2012 में मानेसर स्थित मारुति सुजुकी संयंत्र में हुई हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि घटना में मानव संसाधन महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की जान गई, कई अधिकारी व कर्मचारी घायल हुए तथा आगजनी और तोड़फोड़ से हरियाणा की औद्योगिक छवि प्रभावित हुई। उन्होंने 2014 के हिसार के भगाणा गांव में चार दलित नाबालिग लड़कियों के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम 'डायल-112' को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा, महिला, यातायात, साइबर, दुर्गा शक्ति, एनएचएआई और आपदा प्रबंधन सहित 10 आपातकालीन सेवाओं को इससे जोड़ा गया है। प्रदेश में 630 टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहनों को इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में तैनात किया गया है। सरकार ने 250 अतिरिक्त वाहनों की खरीद को भी मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वांछित, उद्घोषित, जमानत या पैरोल से फरार तथा अन्य सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' चलाया जा रहा है। 1 से 15 अगस्त 2026 तक चले अभियान में 4,771 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 216 हथियार, 287 कारतूस और 15 मैगजीन बरामद की गईं। 241 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई, जबकि 1,406 हिस्ट्रीशीट अपडेट की गईं।
उन्होंने बताया कि एक से 15 दिसंबर 2025 तक चले 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन' के दौरान 1,213 मामले दर्ज कर 2,200 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
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