जयपुर , अप्रैल 29 -- राजस्थान में झालावाड़ जिला पुलिस के अभिनव नवाचार कंजर पुनर्वास कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम अब नजर आने लगे हैं और जिले के अत्यंत पिछड़े कंजर समुदाय के युवक मनोज कुमार ने अपनी मेहनत से राजस्थान होमगार्ड में चयनित होकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है।
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मनोज इस समुदाय के पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने सरकारी सेवा का हिस्सा बनकर अपने डेरे और जिले का नाम रोशन किया है। श्री कुमार ने बताया कि चौमहला-गंगधार और झालावाड़ सर्किल के 20 डेरों में करीब 4300 कंजर समुदाय के लोग रहते हैं। लंबे समय से चोरी और कच्ची शराब के दलदल में फंसे होने के कारण यह समुदाय समाज की मुख्यधारा से कटा हुआ था।
इस पहचान को बदलने के लिए जिला पुलिस ने कंजर पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़कर अपराध मुक्त करना है। इसी कड़ी में बिरियाखेड़ी निवासी मनोज कुमार (25) ने सफलता प्राप्त की है। मनोज कुमार शिक्षित होने के बावजूद बेरोजगारी के कारण हताश थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी भागचन्द्र के मार्गदर्शन में संचालित पुनर्वास कार्यक्रम के तहत मनोज को प्रेरित किया गया। 11 भाई-बहनों वाले परिवार में जहां पिता और अन्य भाई अपराधों में लिप्त रहे, मनोज ने शिक्षा का रास्ता चुना। उनकी यह सफलता केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक बड़ा संदेश बन गया।
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