संतकबीरनगर , मार्च 12 -- संतकबीरनगर में जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार ने सरकार बनाम रोहित पटेल प्रकरण की सुनवाई करते हुए अपना दल (एस) के पूर्व जिलाध्यक्ष रोहित पटेल का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के सूत्रों के अनुसार रोहित पटेल निवासी तितौवा गांव, थाना कोतवाली खलीलाबाद के विरुद्ध चार नवंबर 2025 को धारा 17 आयुध अधिनियम के अंतर्गत जारी कारण बताओ नोटिस की पुष्टि करते हुए उनका शस्त्र लाइसेंस तथा उसके अधीन एनपी बोर पिस्टल/रिवाल्वर निरस्त कर दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई लखनऊ के संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय की 24 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें सुशांत गोल्फ सिटी थाना में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 829/2025 का उल्लेख किया गया था। मामले में धारा 109(1), 3(5), 131, 352, 351(3), 115 बीएनएस तथा 27/30 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है।
रिपोर्ट के अनुसार रोहित पटेल ने पलासियो मॉल में अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की थी, जिसमें सुरक्षा गार्ड पुरुषोत्तम पाण्डेय घायल हो गए थे। इसे शस्त्र लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन माना गया।
जिलाधिकारी ने उपलब्ध अभिलेखीय साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर माना कि उक्त घटना से लोक शांति और जन सुरक्षा प्रभावित हुई है। ऐसे में रोहित पटेल के पास शस्त्र लाइसेंस बने रहना जनहित में उचित नहीं है। इसी आधार पर उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का आदेश पारित किया गया है।
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