चेन्नई , मई 26 -- तमिलनाडु में सरकार के सहयोगी दल विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अन्नाद्रमुक के इस्तीफा दे चुके बागी विधायकों को सत्तारूढ़ 'तमिलगा वेत्री कज़गम' (टीवीके) में शामिल करना स्वस्थ राजनीति के लिए शुभ संकेत नहीं है। हालांकि उन्होंने इस कदम को सीधे तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कहने से परहेज किया, लेकिन यह जरूर कहा कि इससे मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली नयी सरकार की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचेगी।
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही माकपा और सरकार की हिस्सेदार वीसीके, दोनों ही अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों के ताबड़तोड़ इस्तीफों और टीवीके का दामन थामने की जल्दबाजी से हैरान-परेशान हैं।
अब तक अन्नाद्रमुक के चार बागी विधायक अपनी विधायकी छोड़कर टीवीके का हाथ थाम चुके हैं, जिसने विपक्ष को हॉर्स ट्रेडिंग के मुद्दे पर सरकार को घेरने का पूरा मौका दे दिया है। साथ ही, इससे सरकार में शामिल कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और बाहर से समर्थन दे रहे दोनों वामपंथी दलों पर विजय सरकार की निर्भरता काफी कम हो जायेगी।
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