चेन्नई , जून 29 -- अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के कद्दावर नेता और तमिलनाडु के पूर्व परिवहन मंत्री एमआर विजयभास्कर ने सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।

पार्टी में 'एमआरवी' के नाम से मशहूर विजयभास्कर राज्य में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में करूर विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार चुने गए थे। वह पहली बार 2016 में जीते थे और दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने उन्हें पहली बार मंत्री बनाया था। श्री विजयभास्कर 2021 में हालांकि यहां से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के वी. सेंथिलबालाजी से हार गए थे लेकिन इस चुनाव में जीत हासिल की थी।

गौरतलब है कि श्री विजयभास्कर उन 25 बागी विधायकों में से एक हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री विजय द्वारा लाए गए विश्वास मत में तमिला वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार के समर्थन में वोट किया था। श्री विजयभास्कर ने राज्य सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से उनके कक्ष में मुलाकात की और अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया। अध्यक्ष ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया क्योंकि यह विधानसभा के नियमों के अनुसार हाथ से लिखा गया था।

वह इस्तीफा देने वाले छठे मौजूदा विधायक थे। उनमें से पांच विधायक श्री विजय के नेतृत्व वाली सत्ताधारी टीवीके में शामिल हो चुके हैं और खबरों के अनुसार श्री विजयभास्कर के भी उसी रास्ते पर चलने की उम्मीद है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित