चेन्नई , जुलाई 01 -- तमिलनाडु में विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) से नेताओं के जाने का पार्टी छोड़कर जाने का सिलसिला जारी है। बुधवार को एक और पूर्व मंत्री एमएसएम आनंदन ने पार्टी छोड़ दी और वह कल मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ दल तमिलगा वेत्रि कषगम (टीवीके) में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके साथ दो अन्य पूर्व मंत्री डॉक्टर सी विजयभास्कर और एमआर विजयभास्कर भी शामिल होंगे, जो पहले ही विधायक पद और पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं।

विधायक पद छोड़ने के एक दिन बाद, एम आर विजयभास्कर ने अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी द्वारा उन्हें जिला सचिव का पद वापस न दिये जाने से असंतुष्ट होकर पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की। विधानसभा में पार्टी सचेतक के आदेश का उल्लंघन करते हुए टीवीके सरकार के विश्वास मत का समर्थन करने के कारण उनसे यह पद छीन लिया गया था। विश्वास मत का हालांकि समर्थन करने वाले 21 बागी विधायकों के गुट और पार्टी के बीच सुलह के बाद विधानसभा के भीतर का मतभेद समाप्त हो गया था, और उन्हें नये पद दिये गये थे, लेकिन शक्तिशाली जिला सचिव का पद वापस नहीं मिला था। इससे असंतुष्ट होकर सी विजयभास्कर और एम आर विजयभास्कर सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ दी।

इस बीच, पश्चिमी क्षेत्र में अपने मजबूत गढ़ थोंडामुथुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित एक और पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि और पंद्रह अन्य विधायकों ने अन्नाद्रमुक नेतृत्व को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने सुलह के बाद दिये गये नये पदों पर असंतोष व्यक्त किया है और उन्हें दोबारा जिला सचिव नियुक्त करने की मांग की है।

पत्र में उन्होंने कहा है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे पार्टी छोड़ने का निर्णय लेने के लिए विवश होंगे। सामने आ रही रिपोर्टों के अनुसार श्री वेलुमणि तथा कुछ पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक अन्नाद्रमुक को अलविदा कहकर टीवीके का रुख कर सकते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में पार्टी छोड़ने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित