कोलकाता , जून 01 -- पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना लागू होने के साथ ही सोमवार को विभिन्न बैंक शाखाओं के बाहर लंबी कतारें देखी गयीं। तीन जून से योजना की पहली किस्त के तहत पात्र महिलाओं के खातों में तीन हजार रुपये भेजे जाने हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में महिलाएं बैंक खातों और केवाईसी संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने पहुंचीं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नवान्न में कहा कि सरकार की टीमें घर-घर जाकर महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया में सहायता करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र महिला को योजना का लाभ मिलेगा, लेकिन किसी घुसपैठिए या पुरुष को इसका फायदा नहीं लेने दिया जाएगा।

भाजपा के संकल्प पत्र का हिस्सा रही इस योजना के तहत करीब दो करोड़ महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है। पहले चरण का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण तीन जून से शुरू होगा।

कोलकाता, सिलीगुड़ी, मालबाजार, जयगांव, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कर्सियांग सहित राज्य के कई हिस्सों में महिलाएं बैंक पहुंचीं। पूर्ववर्ती लक्ष्मी भंडार योजना की लाभार्थियों को अन्नपूर्णा योजना में स्वतः शामिल किये जाने की संभावना के कारण भीड़ और बढ़ गयी।

योजना के पात्रता मानदंडों के अनुसार आयकर देने वाली महिलाओं तथा मकान या कार की मालिक महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिलेगा।

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