छतरपुर , सितम्बर 12 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता किसानों की समस्याओं को दूर कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव नयी दिल्ली प्रवास के दौरान शनिवार को छतरपुर में किसानों को रबी सीजन की फसलों की नवीनतम तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों एवं आधुनिक कृषि संसाधनों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि बुंदेलखंड हीरों की धरती है। यहां की जमीन में हीरा निकलता है।

उन्होंने जिले में होने वाली पिपरमेंट की खेती का भी जिक्र किया। साथ ही फर्नीचर की गुणवत्ता को बेहतर बताया।

डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बुंदेलखंड सहित संबंधित क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुविधा बढ़ने से कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने आल्हा-ऊदल के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बुंदेलखंड की वीरता और गौरवशाली परंपरा का वर्णन किया। उन्होंने किसानों एवं उपस्थित लोगों से सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च कम करने तथा सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की अपील की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री को किसानों ने कृषि क्षेत्र के नवाचारों की जानकारी दी। किसान श्री सलीम ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ होलेस्टिक फार्मिंग एवं औषधीय फसल उत्पादन एवं कृषि के साथ अन्य कृषकों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।

मुख्यमंत्री को बिजावर निवासी कृषक सौरभ भटनागर ने बताया कि वे जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ फल और सब्जी उत्पादन कार्यक्रम तथा होलेस्टिक फार्मिंग (मुर्गी पालन, मछली पालन, बतख पालन) करते हैं। जनजाति समाज की श्रीमती हब्बीबाई ग्राम सलैया ने बताया कि उनके द्वारा कोदो, कुटकी, रागी, बाजरा, ज्वार एवं अन्य लघु धान्य फसलों का उत्पादन करते हुए प्रोसेसिंग के साथ बाजार में बेचा जाता है। ग्राम हतना निवासी अनिल यादव ने बताया कि उन्होंने कस्टम हायरिंग केन्द्र की स्थापना की। ट्रैक्टर सहित कुल छह यंत्र खरीदे। गत वर्ष अन्य किसानों को किराए पर यंत्र उपलब्ध करवाने से लगभग 5.50 लाख तक मुनाफा प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने किसान श्रीमती तुलसा कुशवाहा निवासी लखनगुवां से भी संवाद किया।

श्रीमती तुलसा ने बताया कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ फसल और सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, मछली पालन, बतख पालन आदि कर रहीं हैं जो उन्हें मुनाफा दे रहा है।

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ किसानों को रबी मौसम की प्रमुख फसलों की उन्नत किस्मों, नवीनतम कृषि तकनीक, बेहतर कृषि पद्धतियों, फसल प्रबंधन तथा समसामयिक कृषि विषयों की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन और कृषि आय बढ़ाने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।

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