बारां , अप्रैल 24 -- राजस्थान में बारां में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सचिव हिना परिहार ने शुक्रवार को अन्ता स्थित आवासीय वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान आश्रम में कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिससे वहां रह रहे वृद्धजनों की स्थिति चिंताजनक पाई गई। निरीक्षण के समय आश्रम में कोई भी स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं मिला। साथ ही आवश्यक पंजीकरण जैसे आगंतुक पंजी, वृद्धजन एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर और निरीक्षण टिप्पणी रजिस्टर भी मौके पर उपलब्ध नहीं थे।

वृद्धजनों ने बताया कि उन्हें सुबह साढ़े आठ बजे तक चाय भी नहीं मिलती है। आश्रम में रसोईघर संचालित नहीं है और भोजन बाहर से मंगवाया जाता है, जिसकी गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने यह भी शिकायत की, कि पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता।

कुछ वृद्धजनों ने डर के माहौल का जिक्र करते हुए बताया कि वे निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो बाद में उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इस कारण वे खुलकर अपनी समस्याएं बताने से भी हिचकिचाते हैं।

इस पर सचिव हिना परिहार ने आश्रम प्रभारी को निर्देश दिए कि वृद्धाश्रम में मानकों के अनुरूप पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वृद्धजनों के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने और साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश भी दिए गए।

सरकार द्वारा वृद्धजनों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए 'भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007' सहित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस प्रकार की लापरवाही संबंधित जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

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