श्रीगंगानगर , अप्रैल 23 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ के उप-जिला सरकारी अस्पताल में प्रशासनिक अराजकता और डॉक्टर-स्टाफ विवाद की वजह से आम मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. केशव कामरा और नर्सिंग कर्मचारियों के बीच हुए विवाद के चलते अस्पताल के 30 से अधिक नर्सिंग स्टाफ ने कार्य बहिष्कार करके धरना दे दिया। परिणामस्वरूप अस्पताल की सारी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। वार्डों में भर्ती मरीजों को नर्सिंग सेवा नहीं मिल रही, दवा वितरण केंद्र बंद है, लैब में नमूने तक नहीं लिए जा रहे हैं और आपात सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

कोरोना महामारी के दौरान श्रीगंगानगर जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) रह चुके डॉ. केशव कामरा का गुस्सैल और कथित दुर्व्यवहारपूर्ण स्वभाव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद का केंद्र बना अनूपगढ़ अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड। नर्सिंग कर्मी बृजलाल ने आरोप लगाया कि सुबह डॉ. कामरा विजिट पर आए तो उन्होंने उन्हें डांटना शुरू कर दिया और गाली-गलौच की। बृजलाल के अनुसार डॉ.कामरा पिछले कई महीनों से नर्सिंग स्टाफ को प्रताड़ित कर रहे हैं।

डॉ. केशव कामरा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने बताया-आज इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज की जांच बृजलाल ने नहीं करवाई थी और ओपीडी स्लिप भी नहीं भरी गई थी। उन्होंने सिर्फ नियम के अनुसार काम करने के लिए कहा था। कोई दुर्व्यवहार या गाली नहीं दी। जो स्टाफ लापरवाही बरतता है, उसे सख्ती से समझाना पड़ता है। जांचों के बारे में उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में उपलब्ध न होने वाली जांचें बाहर की लैब से करवाई जाती हैं और इसमें कोई कमीशन का मामला नहीं है।

इस विवाद के कारण लगाए गए धरने धरने से अस्पताल की दिन-प्रतिदिन की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। दवा वितरण केंद्र के बाहर खड़ी बुजुर्ग महिला मरीजें दो-दो घंटे से दवा का इंतजार कर रही हैं, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं है।

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