श्रीगंगानगर , अगस्त 13 -- राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के अंतिम वर्ष में बने अनूपगढ़ जिले को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा निरस्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को पहली बार अनूपगढ़ पहुंच रहे हैं।
जिला निरस्त होने से इलाके में फैली गहरी नाराजगी के बीच प्रशासन ने विरोध की आशंका को देखते हुए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और घरों में नजरबंद करना शुरू कर दिया है।
अनूपगढ़ जिले का गठन अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में सात अगस्त 2023 को हुआ था। दिसंबर 2023 के चुनाव के बाद बनी भजनलाल शर्मा सरकार ने 28 दिसंबर 2024 को राज्य के कई नए जिलों के साथ अनूपगढ़ को भी समाप्त कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री पहली बार कल अनूपगढ़ आने वाले हैं।
जिला निरस्त होने से अनूपगढ़, नयी मंडी घड़साना, रावला, श्रीविजयनगर, रायसिंहनगर और रामसिंहपुर सहित आसपास के इलाकों के लोगों में भाजपा सरकार के खिलाफ काफी रोष है। यह नाराजगी कल के दौरे के बीच और बढ़ गयी है। लोगों का साफ कहना है कि अनूपगढ़ को वापस जिला घोषित किये बिना कोई भी घोषणा उन्हें मंजूर नहीं होगी।
अनूपगढ़ की धान मंडी में होने वाली जनसभा में मुख्यमंत्री का खुला विरोध होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने आज बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी। देर शाम तक अनूपगढ़ जिले के दूसरे भागों में कई कांग्रेसी और वामपंथी नेताओं-कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार गृह नजरबंद कर दिया है। यह सिलसिला जारी है। गिरफ्तार या घरों में नजरबंद किये गेप्रमुख नेताओं में कांग्रेस जिला महासचिव जलंधरसिंह तूर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष कुलदीपसिंह गिल, अनूपगढ़ में युवक कांग्रेस अध्यक्ष साहिल कामरा, गुरविंदरसिंह जाखड़, बंटी चावला, युवराज तूर, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष करण सहारण, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं अखिल भारतीय किसान सभा के वरिष्ठ नेता श्योपतराम मेघवाल, पालाराम, पृथ्वीराज बुडानिया और ताराचंद सोनी सहित कई अन्य शामिल हैं।
प्रशासन या पुलिस की ओर से हालांकि अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है।
माकपा सांसद अमराराम, अखिल भारतीय ग्रामीण एवं खेत मजदूर यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष दुर्गा स्वामी, किसान नेता रविंद्र तरखान और किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष कौरसिंह सिद्धू सहित कई नेताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे जनविरोधी दमन चक्र बताया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दोपहर में धान मंडी में होने वाली जनसभा में किसी भी तरह का व्यवधान न हो इसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। जनसभा में आने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। मुख्य मंच के सामने ज्यादातर उन भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बैठाया जायेगा, जिनसे विरोध की कोई संभावना नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अनूपगढ़ जिला निरस्त होने से स्थानीय भाजपा नेताओं में भी नाराजगी है। वे लोगों के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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