गोपेश्वर , अगस्त 22 -- जनगणना-2027 के तहत उत्तराखंड के जनपद चमोली के हिमाच्छादित एवं दुर्गम राजस्व ग्रामों में दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन गांवों में निवासरत नागरिक 17 से 31 अगस्त तक घर बैठे ऑनलाइन स्व-गणना कर सकते हैं। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रगणक एवं सुपरवाइजर इन गांवों में घर-घर जाकर मैपिंग एवं जनगणना संबंधी कार्य पूरा करेंगे। इसके बाद 1 से 5 अक्तूबर तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।

जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी गौरव कुमार ने शनिवार को बताया कि चमोली जिले में कुल 25 स्नो बाउंड विलेज चिन्हित किए गए हैं। इनमें ज्योतिर्मठ तहसील के नीती, गमशाली, बम्पा, फरकिया गांव, गुरुगुटी, मेहरगांव, कैलाशपुर, मलारी, कोषा, जेलम, द्रोणागिरी, गरपाक, कागा लगा द्रोणागिरी, लमतोली, जुम्मा, रेवेल चाक कुरकुटी, तोलमा, माणा, भ्यूंडार, बामणी, बद्रीनाथ, खीरो तथा ओध हनुमान चट्टी शामिल हैं। वहीं चमोली तहसील के रुद्रनाथ और पांगर्वासा (कांचुला खर्क) भी स्नो बाउंड विलेज के रूप में सूचीबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि इन गांवों में शीतकाल के दौरान नवंबर से अप्रैल तक अधिकांश परिवार निचले क्षेत्रों की ओर प्रवास करते हैं। उपलब्ध सूची के अनुसार नीती में 29 परिवार, गमशाली में 108, बम्पा में 60, फरकिया गांव में 41, गुरुगुटी में 101, मेहरगांव में 43, कैलाशपुर में 35, मलारी में 400, कोषा में 71, जेलम में 81, द्रोणागिरी में 31, गरपाक में 11, कागा लगा द्रोणागिरी में 26, जुम्मा में 62, तोलमा में 74, माणा में 558, भ्यूंडार में 11, बामणी में 508, बद्रीनाथ में 342, खीरो में 30 तथा ओध हनुमान चट्टी में 55 परिवार दर्ज हैं। वहीं लमतोली, रेवेल चाक कुरकुटी- गैर-बसासत एवं रुद्रनाथ और पांगरवासा (कांचुला खर्क) गैर-आबाद श्रेणी में हैं।

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