पटना, अप्रैल 13 -- बिहार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अब 30 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिससे अब तक 6223 अभ्यर्थी लाभान्वित हो चुके हैं।

मंत्री श्री रौशन ने आज यहां बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित डॉ भीमराव अम्बेडकर समग्र शिक्षा समागम कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये विभाग की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अब 30 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिससे अब तक 6223 अभ्यर्थी लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 38 जिलों में बालिकाओं के लिए 100 सीटों वाले छात्रावासों का निर्माण चल रहा है।

श्री रौशन ने कहा कि नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समेकित थरुहट विकास अभिकरण की 357 योजनाओं में से 279 योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। बिहार महादलित विकास मिशन के अंतर्गत 4858 सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड का निर्माण किया गया है। 'सहायता' कॉल सेंटर 24x7 संचालित हो रहा है तथा विकास मित्रों के माध्यम से विकास रजिस्टर 2.0 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में 91 डॉ. आंबेडकर आवासीय विद्यालय और 139 छात्रावास संचालित हैं, जहां छात्रों को आवासन एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने से इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को अनुदान की राशि दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अनुदान की राशि प्रति छात्र एक हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति महीने हो जाएगी।

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