होशियारपुर , फरवरी 24 -- पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को यहां गांव बस्सी गुलाम हुसैन स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर का दौरा किया और 1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ के छठे दिन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान वैदिक मूल्यों के प्रसार में सहायक होते हैं और लोगों को सामाजिक बुराइयों से स्वयं को मुक्त करने की प्रेरणा देते हैं।

सप्ताह भर चलने वाला यह धार्मिक आयोजन महंत उदयगिरि महाराज के मार्गदर्शन में 19 फरवरी को आरंभ हुआ था और 25 फरवरी को संपन्न होगा। राज्यपाल ने पूजा-अर्चना की तथा हवन कुंड में आहुतियां दीं।

कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में श्री कटारिया ने कहा कि महायज्ञ देश की प्राचीन वैदिक संस्कृति को और ऊंचाइयों तक ले जाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, " यह हवन-यज्ञ व्यक्ति को अपने अहंकार, लोभ और मोह जैसे विकारों को 'ओम स्वाहा' के उच्चारण के साथ पवित्र अग्नि में समर्पित करने का माध्यम है। यह 'मैं' (अहं) को समाप्त कर नयी ऊर्जा के साथ समाज के लिए उपयोगी बनने की प्रेरणा देता है।"उन्होंने कहा, " जब हजारों लोग एक साथ 'ओम स्वाहा' का उच्चारण करते हुए पवित्र अग्नि में आहुति देते हैं, तो यह अपनी नकारात्मकताओं को अग्नि को समर्पित करने, समाज सेवा के लिए नयी ऊर्जा ग्रहण करने और वातावरण को शुद्ध करने के संकल्प का प्रतीक है। यह परंपरा हमारी प्राचीन वैदिक संस्कृति में गहराई से निहित है। "राज्यपाल ने विशाल महायज्ञ के आयोजन और बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित करने के लिए महंत उदयगिरि महाराज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और लोगों को अनुशासित तथा उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं। श्री कटारिया ने कहा कि अतीत में अनेक संतों और आध्यात्मिक गुरुओं ने इस मंदिर स्थल पर तपस्या की है, जिससे इसकी पवित्रता और बढ़ी है। उन्होंनेकहा कि ऐसी परंपराओं का निरंतर पालन भारत की आध्यात्मिक विरासत की सतत प्रासंगिकता को दर्शाता है। इस अवसर पर पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना, पूर्व पंजाब मंत्री तिक्षण सूद, उपायुक्त आशिका जैन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मलिक भी उपस्थित थे।

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