, March 12 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अमरा राम ने कहा कि आज देश में सिर्फ एलपीजी का ही संकट नहीं है बल्कि इस समय अरब में फंसे लाखों भारतीयों का भी संकट हैं। उनका कहना था कि जल जीवन मिशन में घोटाला हो रहा है जिसे सरकार को देखना चाहिये लेकिन इस योजना के जरिए लोगों को पानी भी नहीं मिल रहा है। उनके संसदीय क्षेत्र में जल जीवन मिशन शुरु होने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। उनका कहना था कि देश में आर्थिक समानता की खाई चौड़ी हो रही है और सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिये हैं।

आम आदमी पार्टी के मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाब के किसानों के पास मक्का आदि फसलों का बहुत अधिक उत्पादन हो सकता है लेकिन इसके लिए पंजाब के किसानों को विशेष पैकेज दिये जाने की जरूरत है। उनका कहना था कि जिन फसलों और उत्पादों को लेकर देश विदेश पर निर्भर है पंजाब का किसान उन सब फसलों का उत्पादन कर सकता है इसलिए वहां किसानों के हित में कृषि शोध जैसे संस्थान खोलने पर ध्यान देने की जरूरत है।

माकपा (एमएल) के राजा राम सिंह ने कहा कि किसानों की मांग सरकार पूरी नहीं कर रही है। जल शक्ति मंत्रालय नहरों के निर्माण के मांग पर ध्यान नहीं दे रहा है। जनता दल यू की लवली आनंद ने कहा कि सरकार की नीति के कारण 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है और सरकार की बेहतर आर्थिक नीतियों के कारण देश तीसरी अर्थव्यवस्था बनने के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के जोबा माझी ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने क्षेत्र में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में सेल कारखाना है उसमें होने वाले उत्पादन के कारण वहां का पानी प्रभावित हो रहा है। निर्दलीय अब्दुल रशीद शेख ने कहा कि जम्मू -कश्मीर के फलों को अमेरिका के साथ समझौता करके बर्बाद किया गया है। उन्होंने जम्मू -कश्मीर में सुरक्षा का मुद्दा उठाया और कहा कि जिस राज्य में वीआईपी सुरक्षित नहीं है वहां आम आदमी को कैसे सुरक्षा मिले इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

निर्दलीय उमेशभाई बाबूभाई पटेल ने कहा कि सदन में उनकी बात नहीं सुनी जाती है। उनका कहना था कि उनके क्षेत्र में बेरोजगारी, शिक्षा की समस्या है। मछुआरों की समस्याएं हैं उन पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दमन में एम्स की स्थापना की भी मांग की और कहा कि शिक्षा तथा पर्यटन क्षेत्र में दमन को महत्व दिया जाना चाहिए।

भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रोत ने कहा कि आदिवासी समुदाय देश में 13, 14 करोड आबादी का है और सरकार उनकी शिक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। उनके इलाके में रोजगार गारंटी योजना का लाभ लोगों को नहीं दिया जा रहा है। निर्दलीय विशालदादा प्रकाशबापू पाटिल ने कहा कि सरकार समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं देती है और सरकार की लापरवाही की वजह से देश में गैस की समस्या बढ़ रही है। समाजवादी पार्टी के डॉ शिव पाल सिंह पटेल ने कहा कि बजट में सिर्फ अनुपालन को सरल बनाने का काम हुआ है इसमें करों को कम नहीं किया गया है। कर संरचना का सबसे ज्यादा बोझ आम जनता पर ही पड़ता है जो पैसा आता है उसका बड़ा हिस्सा ब्याज में ही चला जाता है।

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