बैतूल , अगस्त 30 -- मध्यप्रदेश की शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों को पिछले पांच महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मई माह से वेतन लंबित होने के चलते प्रदेश के करीब 530 अनुदान प्राप्त स्कूलों के कर्मचारी प्रभावित हैं। बैतूल जिले में करीब 10 अनुदान प्राप्त शालाएं इस समस्या से प्रभावित बताई जा रही हैं।
नियमित सेवाएं देने के बावजूद लंबे समय से वेतन नहीं मिलने से शिक्षक-कर्मचारियों के लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की स्कूल फीस, पढ़ाई, चिकित्सा खर्च, बैंक की किस्त, मकान किराया और रोजमर्रा की जरूरतें वेतन पर निर्भर हैं। रक्षाबंधन जैसे त्योहार के दौरान भी वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ गई है।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई बैतूल के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन मई माह से लंबित है। उनके अनुसार जिलों से वस्तुनिष्ठ परीक्षण प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।
उन्होंने बताया कि संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराए जाने के बाद भी लोक शिक्षण संचालनालय स्तर से वेतन जारी नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
संघ के नारायण अडलक ने बताया कि बैतूल जिले में करीब 10 अनुदान प्राप्त शालाएं संचालित हैं और इनमें कार्यरत शिक्षक-कर्मचारी भी पांच महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कई परिवारों की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हुई है तथा कर्मचारियों को जरूरी खर्चों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एलबी सेठ ने शासन से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आगामी महीनों का आवश्यक बजट समय पर जारी किया जाना चाहिए। संघ ने अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक-कर्मचारियों को नियमित रूप से समय पर वेतन उपलब्ध कराने की मांग की है।
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