मुरैना , जून 29 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर 10 पंजीयकों और ऑपरेटरों के विरुद्ध विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार बामोर, मुरैना और जौरा थाना क्षेत्रों में प्राथमिक सहकारी समितियों के समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों के विरुद्ध पंजीयन प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

कलेक्टर ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और पंजीयन प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रहा है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी पंजीयन सत्यापन में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित तहसीलदारों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जा चुकी है तथा 15 पटवारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में गेहूं विक्रय के लिए पंजीकृत 5,730 किसानों में से केवल 68 किसान गैर-भूमिस्वामी हैं, जो कुल पंजीकृत किसानों का लगभग एक प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ केवल वास्तविक भूमिस्वामी किसानों को ही मिले। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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