आइची-नागोया (जापान) , सितंबर 26 -- भारत की जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने शनिवार को एशियाई खेलों में स्क्वैश की मिश्रित युगल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। वहीं अनाहत सिंह और अभय सिंह ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए एकल के फाइनल में जगह बना ली और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में जगह बनाने से एक जीत दूर रह गए हैं।

आज यहां खेले गये सेमीफाइनल में 18 वर्षीय अनाहत ने जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे को 3-2 से हराया। इस जीत के साथ ही वह एशियाई खेलों के स्क्वैश महिला एकल के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। अनाहत शुरुआती दो गेम 9-11, 11-13 से हारकर 0-2 से पीछे थीं और तीसरे गेम में भी 7-10 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से अपने नाम कर लिया।

अभय सिंह ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 (11-3, 12-10, 11-6) से हराकर पुरुष स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में शानदार एंट्री की।

इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार मिश्रित युगल के फ़ाइनल में पहुंचने से बस थोड़ा सा चूक गए और एक रोमांचक मुक़ाबले के बाद कांस्य के साथ अपना सफर खत्म किया। हांगकांग की तांग मिंग होंग और ली का यी की जोड़ी ने मिश्रित युगल का सेमीफाइनल 2-1 (10-11, 11-2, 11-10) से जीता।

मुकाबले के दौरान भारतीय जोड़ी 2-5 से पीछे चल रही थी, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 5-4 किया, जिसके बाद दोनों के बीच कड़ी टक्कर शुरू हुई। लंबी रैलियां हुईं और कई बार 'लेट्स' (यानी किसी रुकावट की वजह से पॉइंट दोबारा खेलना) की स्थिति बनी, जिसके बाद भारतीयों ने वापसी करते हुए स्कोर 6-6 से बराबर कर लिया।

इसके बाद जोशना और वेलावन ने 8-7 की बढ़त बनाई, वेलावन के शानदार डिफेंस की बदौलत स्कोर 9-7 किया और उनके पास 3 मैच पॉइंट थे... लेकिन ली-तांग ने स्कोर 10-10 से बराबर कर दिया। दोनों जोड़ियों के लिए मैच पॉइंट की स्थिति बन गई।

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