आइची नागोया , सितंबर 25 -- अनाहत सिंह, अभय सिंह और जोशना चिनप्पा- वेलावन सेंथिलकुमार ने स्क्वैश के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिये कम से कम तीन पदक पक्के कर दिए।
वर्ल्ड जूनियर चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर-फ़ाइनल में अपनी ही देश की खिलाड़ी तन्वी खन्ना को 3-0 (11-2, 11-5, 11-3) से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनायी। हांगझोऊ 2023 में दो बार एशियन गेम्स मेडल जीत चुकीं अनाहत का सामना सेमीफ़ाइनल में जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे से होगा।
अभय सिंह ने पुरुष सिंगल्स क्वार्टर-फ़ाइनल में जापान के र्युनोसुके सुकुए को 34 मिनट में 3-0 (11-4, 11-3, 11-6) से आसानी से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। सेमीफ़ाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के मुहम्मद इरफ़ान से होगा।
वीर चोटरानी ने पहला गेम जीता, लेकिन मुहम्मद इरफ़ान ने वापसी करते हुए अगले तीन गेम जीते और मुक़ाबला 3-1 (6-11, 11-8, 11-3, 11-3) से अपने नाम किया।
जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने क्वार्टर-फ़ाइनल में फ़िलीपींस की जेमिका अरिबाडो और डेविड पेलिनो को 2-0 (11-3, 11-5) से हराकर मिक्स्ड डबल्स के सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए कम से कम ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का किया। ग्वांग्झू 2010 में अपना पहला एशियन गेम्स मेडल जीतने वालीं जोशना चिनप्पा, वेलावन सेंथिलकुमार के साथ मिलकर अपने मेडल की संख्या में छठा मेडल जोड़ेंगी। कल सेमीफ़ाइनल में उनका सामना हांगकांग, चीन की ली का यी और तांग मिंग होंग से होगा।
अनाहत सिंह ने अपनी सीनियर हमवतन तन्वी खन्ना के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 3-0 से मिली जीत पर बात करते हुए कहा कि दोनों के बीच अच्छी जान-पहचान होने के कारण यह मुकाबला और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। "इससे निश्चित रूप से थोड़ा और दबाव बढ़ जाता है क्योंकि हम कोर्ट के बाहर भी काफी समय साथ बिताते हैं। हमने साथ में यात्रा की। हम लगभग हर खाना साथ खाते हैं और हर समय एक-दूसरे से मिलते रहते हैं।
"बात यह भी है कि इस टूर्नामेंट में खेल रहे किसी भी अन्य खिलाड़ी की तुलना में हम एक-दूसरे के खेल को बेहतर ढंग से जानते हैं। हमने पहले भी कई बार खेला है, इसलिए मैच से पहले ही हम दोनों को पता था कि क्या उम्मीद करनी है।"स्क्वैश में एशियन गेम्स सिंगल्स चैंपियन को ओलंपिक 2028 का कोटा भी मिलेगा।
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