नयी दिल्ली , अप्रैल 07 -- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली की 1511 कॉलोनियों के नियमित किए जाने की घोषणा करते हुए बताया कि 24 अप्रैल से अनाधिकृत कॉलोनियों को मालिकाना हक देने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
श्री खट्टर ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि दिल्ली के निवासियों के जीवन में एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 2019 में दिल्ली के निवासियों को स्वामित्व अधिकार प्रदान करने के लिए पीएम-उदय योजना लागू की थी, और बताया कि कॉलोनियों को "जैसा है, जहाँ है" के आधार पर नियमित करने के वर्तमान निर्णय के साथ, निवासियों को अपनी संपत्तियों के पंजीकरण के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल कानूनी स्वामित्व मिलेगा, बल्कि नागरिकों को दिल्ली नगर निगम के मानदंडों के अनुसार अपने घरों का निर्माण या पुनर्विकास करने में भी मदद मिलेगी। यह परिवर्तनकारी कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, दिल्ली नियोजित और समावेशी शहरी विकास के एक नए चरण का अनुभव कर रही है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार शहर का निर्माण करते हुए पुरानी समस्याओं का समाधान करना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन परिवारों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को समझा, जो अपने ही घरों में रहने के बावजूद कानूनी अधिकारों से वंचित थे। यही संवेदनशील और दूरदर्शी दृष्टिकोण था जिसने पीएम-उदय योजना का मार्ग प्रशस्त किया और आज 1731 अनाधिकृत कॉलोनियों में से 1511 कॉलोनियों का नियमितीकरण संभव हो पाया है।
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