चंडीगढ़ , अगस्त 29 -- पंजाब सरकार ने अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के सुरक्षित भविष्य, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 432.38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है जिसमें से 181.23 करोड़ रुपये पहले ही जारी किये जा चुके हैं।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने शनिवार को बताया कि राज्य के करीब 2.45 लाख अनाथ एवं बेसहारा बच्चों को योजना के तहत नियमित वित्तीय सहायता मिल रही है। इस सहायता से बच्चों को शिक्षा जारी रखने, आवश्यक जरूरतें पूरी करने और आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ने में मदद मिल रही है।
डॉ. कौर ने कहा कि अनाथ एवं बेसहारा बच्चे केवल सरकारी आंकड़ों का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीबी, कठिन परिस्थितियों, उपेक्षा अथवा माता-पिता के सहयोग के अभाव में किसी बच्चे को शिक्षा, सपनों और अवसरों से वंचित न होना पड़े।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ 21 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को मिलता है, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी हो, दोनों घर से लापता हों अथवा शारीरिक या मानसिक स्थिति के कारण परिवार की देखभाल करने में असमर्थ हों। उन्होंने कहा कि सरकार एक संवेदनशील और समावेशी कल्याणकारी व्यवस्था तैयार कर रही है, जिसमें प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहायता और अवसर मिले। आज बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के प्रयास ही मजबूत परिवार, सशक्त समाज और समृद्ध पंजाब की नींव रखेंगे।
डॉ. कौर ने कहा कि यह पहल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को दर्शाती है।
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