प्रयागराज , जुलाई 8 -- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को नसीहत देते हुये कहा कि राम मंदिर को लेकर उन्हे अनर्गल बयानबाजी से बचना चाहिये वरना राम भक्त और राष्ट्रभक्त जनता मुंहतोड़ जवाब देगी।

श्री मौर्य ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच कर रही है, प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और आरोपी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके बावजूद इस मामले पर अनर्गल बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, " यदि अखिलेश यादव इस प्रकार की बयानबाजी जारी रखते हैं तो उन्हें इसका जवाब राम भक्त और राष्ट्रभक्त जनता देगी। " उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का उत्तर प्रदेश से सूपड़ा साफ हो जाएगा।

चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात तथा तीसरे मोर्चे की अटकलों पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक मोर्चे से भारतीय जनता पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी।

श्री मौर्य ने कहा कि भाजपा वर्तमान भी है और भविष्य भी। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।

कर्नाटक सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति की और अयोध्या, मथुरा तथा काशी से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होने दिया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया और काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास कर भव्य कॉरिडोर का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों पर न्यायालय में सुनवाई चल रही है, उनमें उन्हें न्यायपालिका से पूरा विश्वास और उम्मीद है। उन्होंने कहा, "विजय सत्य की होगी, राम भक्तों की होगी और कृष्ण भक्तों की होगी।"राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बेटियों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महामहिम राज्यपाल हम सभी की संरक्षक और मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में उनका अनुभव और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है तथा उनके सुझावों को सकारात्मक रूप से लिया जाना चाहिए।

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