भोपाल , सितंबर 23 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अधिवक्ता से मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के आंदोलन के कारण न्यायालयीन कामकाज प्रभावित रहा। अधिवक्ताओं ने अरेरा हिल्स चौराहे और वल्लभ भवन मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटे यातायात बाधित रहा।

सुबह करीब 10:30 बजे से अधिवक्ता जिला न्यायालय परिसर में जुटने लगे। उन्होंने थानों से न्यायालय आने वाले कोर्ट मुंशियों का बहिष्कार करते हुए न्यायालयीन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में नारेबाजी की और मुख्य मार्ग पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया।

चक्काजाम के कारण वल्लभ भवन और मंत्रालय की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार तीखी बहस की स्थिति बनी। आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। शाम को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कमिश्नर का पुतला फूंका और कानून-व्यवस्था को लेकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के कारण न्यायालयीन कार्य प्रभावित होने से कई मामलों में गवाहों को बिना गवाही दिए लौटना पड़ा। शाम को भीड़ और प्रदर्शन की स्थिति को देखते हुए कुछ न्यायाधीशों को पैदल न्यायालय परिसर से बाहर निकलना पड़ा।

इस बीच अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात कर मारपीट की घटना में कार्रवाई की मांग की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस कमिश्नर से फोन पर चर्चा कर मामले में उचित और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। आंदोलन के दौरान भोपाल बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष देवेंद्र रावत की अनुपस्थिति को लेकर भी कुछ अधिवक्ताओं में नाराजगी दिखाई दी। देर शाम तक बड़ी संख्या में अधिवक्ता धरना स्थल पर मौजूद रहे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।

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