बहराइच , जनवरी 20 -- बाराबंकी जिले में अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला पर पर हुए जानलेवा हमले की घटना को लेकर मंगलवार को बहराइच में अधिवक्ताओं का आक्रोश मंगलवार को सड़कों पर दिखाई दिया। जिला अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

गौरतलब है कि 14 जनवरी को बाराबंकी के हैदरगढ़ में बारा टोल प्लाजा के कर्मियों ने अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ मारपीट की थी।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च किया और वहां प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं का कहना था कि बाराबंकी के हैदरगढ़ टोल प्लाजा के पास अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला पर जिस तरह से हमला किया गया, वह न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है बल्कि अधिवक्ता समाज की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने हमलावरों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में कठोर कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका नहीं जा सकेगा। अधिवक्ताओं ने यह भी मांग उठाई कि केंद्र सरकार शीघ्र ही अधिवक्ता सुरक्षा बिल को पारित करे, ताकि न्याय व्यवस्था के इस अहम स्तंभ को सुरक्षा का वैधानिक संरक्षण मिल सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वकील न्याय के लिए कार्य करते हैं और उन पर हमला लोकतंत्र एवं कानून के शासन पर सीधा हमला है।

प्रदर्शन के उपरांत अधिवक्ताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कठोर कानूनी कार्रवाई तथा अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।

इस दौरान अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

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