श्रीगंगानगर , फरवरी 01 -- राजस्थान के श्रीगंगानगर में नगर विकास न्यास द्वारा सूरतगढ़ मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग 62 के किसान चौक के निकट पदमपुर बाईपास से सटी 68 बीघा भूमि को अधिगृहीत किये 17 वर्ष बीत जाने के बावजूद इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। इस देरी से नाराज ट्रांसपोर्ट नगर बचाओ, मुख्य बस स्टैंड बनाओ संघर्ष समिति ने रविवार को किसान चौक से एक रोष मार्च निकाला। मार्च में कई स्थानीय निवासी, किसान नेता, पूर्व पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने सरकार और न्यास प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संघर्ष समिति के प्रमुख रामफल बिश्नोई के नेतृत्व में निकाला गया यह रोष मार्च किसान चौक से शुरू होकर नाईवाला के सरकारी स्कूल के पास गौतमबुद्धनगर के मुख्य द्वार तक पहुंचा। यहां वक्ताओं ने परियोजना की देरी पर गहरा रोष व्यक्त किया और इसे शहर के विकास में बाधा बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
श्री बिश्नोई ने बताया कि वर्ष 2007 में नगर विकास न्यास ने ट्रांसपोर्ट नगर वाणिज्यिक योजना के तहत 68 बीघा एक बिस्वा भूमि को अधिगृहीत किया था। यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में न्यास के नाम से दर्ज है, लेकिन 17 वर्षों में कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग 62 और सूरतगढ़-पदमपुर बाईपास पर किसान चौक के मोड़ पर स्थित है, जो चारों दिशाओं से खुली हुई है। यह स्थान ट्रांसपोर्टनगर और विशेष रूप से नये केंद्रीय बस अड्डे के लिए आदर्श है, क्योंकि यहां यातायात की उत्तम सुविधा है।
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