कोलकाता , अगस्त 01 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बिधाननगर से जनगणना 2027 के लिए 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' (खुद जानकारी भरने) की प्रक्रिया शुरू की।
यह भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना और देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनसंख्या गिनती प्रक्रिया है। नागरिकों से इस प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह करते हुए श्री अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए दी गयी सभी जानकारी गोपनीय रहेगी और कानून के तहत सुरक्षित रहेगी। व्यक्तिगत डेटा के उजागर होने या उसके गलत इस्तेमाल की कोई संभावना नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इकट्ठा किए गये डेटा का इस्तेमाल सिर्फ़ सांख्यिकीय विश्लेषण, योजना बनाने और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत जानकारी के सार्वजनिक होने या उसके गलत इस्तेमाल की कोई संभावना नहीं है।" केंद्र सरकार ने जनगणना की प्रक्रिया की देखरेख के लिए पहले ही एक विशेष समिति बना दी है।
श्री अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के कारण पश्चिम बंगाल के लिए यह प्रक्रिया और भी महत्वपूर्ण है और उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे तय ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए 15 अगस्त तक 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' की प्रक्रिया पूरी कर लें। जनगणना का पहला फील्ड चरण 16 अगस्त से 14 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान अधिकारी घरों की सूची बनाने और आवास जनगणना का काम करेंगे। वे घर की स्थिति, परिवार की विशेषताओं, पीने के पानी, साफ-सफाई, बिजली, खाना पकाने के ईंधन, इंटरनेट कनेक्टिविटी और घर की संपत्तियों (जैसे रेडियो, टेलीविज़न, कंप्यूटर और वाहन) के बारे में जानकारी इकट्ठा करेंगे।
जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जब अधिकारी हर घर जाकर परिवार के हर सदस्य का नाम, उम्र, लिंग, जाति और धर्म जैसी विस्तृत जानकारी इकट्ठा करेंगे।
नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर, अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी के ज़रिए लॉग इन करके, अपना राज्य, ज़िला और स्थानीय जानकारी चुनकर, डिजिटल मैप पर अपने घर की जगह मार्क करके, घर और परिवार की जानकारी भरकर और फ़ॉर्म सबमिट करके खुद जानकारी भरने की प्रक्रिया (सेल्फ़-एन्यूमरेशन) पूरी कर सकते हैं। सबमिट करने के बाद, उन्हें एक सेल्फ़-एन्यूमरेशन (एसई) आईडी मिलेगी, जिसे संभालकर रखना होगा और फ़ील्ड विज़िट के दौरान जनगणना करने वाले अधिकारी (एन्यूमरेटर) को दिखाना होगा। इसके बाद एन्यूमरेटर पोर्टल पर पहले से अपलोड की गई जानकारी की पुष्टि करेगा। अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन सेल्फ़-एन्यूमरेशन के दौरान किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं होगी।
पोर्टल में सब्जेक्टिव और बहु-विकल्पीय दोनों तरह के सवाल होंगे, जिनमें लगभग 33 सवाल शामिल होने की संभावना है, हालांकि अंतिम संख्या बदल सकती है। अधिकारी सबमिट की गई जानकारी में बदलाव (एडिटिंग) करने की सुविधा देने पर भी विचार कर रहे हैं। सुंदरबन के दूर-दराज़ इलाकों में, स्थानीय पुलिस स्टेशन के इंचार्ज इलाके के स्तर पर तालमेल की देखरेख करेंगे, जबकि अधिकारी बाद में सबमिट किए गए डेटा की पुष्टि करने के लिए घर-घर जाकर जानकारी की जांच करेंगे। जनगणना का काम राज्य भर में तैनात 3,400 सुपरवाइज़र और 14,399 कर्मचारियों की मदद से किया जाएगा।
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