कोलकाता , अक्टूबर 18 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चोरबागान भगदड़ में मारे गए 19 लोगों में से प्रत्येक के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का एलान किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस त्रासदी की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करेगी और इसकी अगुवाई के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एक मौजूदा जज की नियुक्ति का अनुरोध करेगी।
श्री अधिकारी ने शनिवार देर रात एक मेडिकल कॉलेज में घायलों के इलाज के बारे में चिकित्सकों से बातचीत करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं जानता हूं कि इस घटना में मारे गए लोगों की भरपाई किसी भी धनराशि से नहीं हो सकेगी लेकिन सरकार इन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। हम भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा करते हैं।"उन्होंने कहा, "राज्य सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी और मरीज अपनी पसंद के किसी भी अस्पताल में इलाज कराने के लिए स्वतंत्र हैं।"उन्होंने कहा, "हम कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एक मौजूदा जज की सेवाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध कर रहे हैं, जिनकी देखरेख में हम विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करेंगे जो भीड़ प्रबंधन में संभावित चूकों समेत इस त्रासदी के कारणों की जांच करेगा।"उन्होंने कहा कि अपने कर्तव्यों के पालन में कोताही बरतने के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के वास्ते सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दायरे में भीड़ नियंत्रण से जुड़े सभी लोग आएंगे, जिनमें पूजा कमेटी के सदस्य, स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी शामिल हैं।
श्री अधिकारी ने कहा कि इस घटना में कहीं न कहीं कर्तव्यों के निर्वहन में चूक नजर आती है और यदि अधिक गंभीरता से कदम उठाए जाते तो शायद इसे टाला जा सकता था। यद्यपि बारिश भी एक कारण रही, फिर भी प्रशासन उन कमियों की गहराई से जांच करेगा जिनकी वजह से यह त्रासदी हुई।
उन्होंने राजनीतिक दलों से इन मौतों पर राजनीति न करने की अपील करते हुए कहा कि इस समय पहली प्राथमिकता पीड़ित परिवारों का साथ देना और घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। वर्ष 2025 में दुर्गा पूजा के दौरान बारिश के बीच करंट लगने से 13 लोगों की मौत की पिछली घटना का जिक्र करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि वह किसी पर राजनीतिक आरोप नहीं लगाना चाहते, लेकिन उन्होंने मीडिया को उस त्रासदी के दौरान प्रशासनिक प्रतिक्रिया की याद दिलाई।
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