श्रीनगर , मई 18 -- दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख (इंजीनियर राशिद) को सोमवार को उनके पिता खज़ीर मोहम्मद शेख के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अंतरिम ज़मानत दे दी।
श्री खज़ीर मोहम्मद शेख (85) का कल रात लंबी बीमारी के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था।
अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के नेता फिरदौस बाबा ने बताया कि जेल में बंद सांसद को उनके पिता के निधन के बाद पिछली शर्तों के आधार पर दो जून तक के लिए ज़मानत दी गई है।
अदालत ने यह राहत तब दी, जब आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद राशिद ने अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने की अनुमति मांगते हुए एक अर्जी दाखिल की।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने श्री खज़ीर शेख के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने श्री खज़ीर शेख को एक अनुभवी शिक्षक, नेक इंसान और एक अत्यंत सम्मानित हस्ती बताया, जो शिक्षा, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने कहा, "हाजी खज़ीर साहब, इंजीनियर राशिद की पूरी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा के दौरान उनके पीछे एक मज़बूत स्तंभ की तरह खड़े रहे, और अपनी सादगी, बुद्धिमत्ता और विनम्रता के लिए सराहे जाते थे।"इससे पहले, इनाम ने केन्द्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया था कि वे राशिद की रिहाई की व्यवस्था करें, ताकि वह अपने पिता को अंतिम विदाई दे सकें।
उन्होंने कहा, "किसी बेटे के लिए अपने पिता को अंतिम विदाई न दे पाने से बड़ा कोई दुख नहीं हो सकता।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि व्यक्तिगत त्रासदी के ऐसे पलों में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
श्री खज़ीर शेख को बीमार पड़ने पर शुरू में श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें विशेष इलाज के लिए एम्स नयी दिल्ली रेफर कर दिया गया, जहाँ कल रात उन्होंने अंतिम सांस ली। इससे पहले, एनआईए की एक अदालत ने राशिद को अस्पताल में भर्ती अपने बीमार पिता से मिलने के लिए ज़मानत दी थी।
इस बीच, बारामूला के सांसद और लंगाटे के विधायक खुर्शीद अहमद शेख के पिता खज़ीर शेख के निधन पर शोक व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्री खज़ीर शेख के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की।
हुर्रियत के अध्यक्ष और कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने भी इस निधन पर दुख जताया और इंजीनियर राशिद तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
उन्होंने मानवीय आधार पर अधिकारियों से यह अपील भी की थी कि वे इंजीनियर राशिद की रिहाई की व्यवस्था करें, ताकि वे शोक की इस अवधि के दौरान अपने परिवार के साथ रह सकें। उन्होंने कहा कि दुख के ऐसे पलों में करुणा और मानवीय संवेदनाओं को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि इंजीनियर राशिद के पिता के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुँचा है और उन्होंने प्रार्थना की कि अल्लाह इस कठिन समय में परिवार को धैर्य और शक्ति प्रदान करे। उन्होंने दिवंगत आत्मा के लिए जन्नत में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने की भी प्रार्थना की।
अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ़ बुखारी ने इस निधन को एक गहरी क्षति बताया और शोकाकुल परिवार, विशेष रूप से इंजीनियर राशिद के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिता को खोने का दर्द तब और भी अधिक असहनीय हो जाता है, जब ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति अपने परिवार से दूर हो।
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