मुंबई , फरवरी 28 -- मुंबई की एक विशेष अदालत ने कथित 25,000 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामले में आर्थिक अपराध शाखा की 'सी' सारांश रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है, जिससे पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजीत पवार सहित कई आरोपियों को राहत मिली है।

यह रिपोर्ट भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। यह सुनेत्रा पवार, विधायक रोहित पवार और लगभग 70 अन्य लोगों सहित सभी आरोपियों को दोषमुक्त करती है।

अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की हस्तक्षेप याचिका को भी खारिज कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और पूर्व मंत्री शालिनी पाटिल सहित अन्य लोगों की लगभग 30 विरोध याचिकाओं को भी अस्वीकार कर दिया गया।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने आर्थिक अपराध शाखा की दर्ज कराई गई प्राथमिकियों के आधार पर जरंडेश्वर चीनी कारखाना मामले में सुश्री सुनेत्रा पवार और बारामती एग्रो मामले में श्री रोहित पवार के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।

आर्थिक अपराध शाखा ने बाद में यह निष्कर्ष निकाला कि जांच के दायरे में आए लेन-देन में कोई आपराधिक गतिविधि नहीं पाई गई। 'सी' सारांश रिपोर्ट की स्वीकृति इस मामले में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।

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