पटना , अक्टूबर 24 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आजाद हिंद फौज की रानी झांसी रेजिमेंट की कमांडर एवं पद्म विभूषण से सम्मानित कैप्टन लक्ष्मी सहगल की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

श्री चौधरी ने शनिवार को कहा कि अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति की प्रतीक कैप्टन लक्ष्मी सहगल का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल है। देश की स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष और योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी अपने संदेश में कैप्टन सहगल को महान स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की आजादी के लिए लक्ष्मी सहगल का संघर्ष और समर्पण देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

कैप्टन लक्ष्मी सहगल का जन्म 24 अक्टूबर 1914 को मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था। उनका मूल नाम लक्ष्मी स्वामीनाथन था। उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा की पढ़ाई पूरी की और चिकित्सक के रूप में अपना करियर शुरू किया। बाद में वह सिंगापुर चली गईं, जहां उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों की चिकित्सा सेवा की। इसी दौरान वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ीं और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिंद फौज में शामिल हुईं।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने महिलाओं की एक सैन्य टुकड़ी गठित करने का निर्णय लिया। लक्ष्मी सहगल ने इस पहल में प्रमुख भूमिका निभाई और रानी झांसी रेजिमेंट की कमांडर बनीं। यह रेजिमेंट भारतीय महिलाओं की सैन्य भागीदारी और स्वतंत्रता के संघर्ष में उनकी भूमिका का ऐतिहासिक प्रतीक बनी। उनके नेतृत्व में महिलाओं ने देश की आजादी के लिए सैन्य प्रशिक्षण लिया और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय योगदान दिया। आजाद हिंद फौज के अभियान के दौरान उन्हें ब्रिटिश सेना ने गिरफ्तार भी किया था।

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