अलवर , जून 16 -- राजस्थान के अलवर में नगर निगम द्वारा शहर में चलाये जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने प्रशासन से कहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले व्यापारियों और प्रभावित लोगों को विश्वास में लेकर नोटिस देकर समझाने की प्रक्रिया अपनायी जाये।
श्री शर्मा ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया और सोशल मीडिया पर जो वीडियो एवं तस्वीरें देखने को मिली, वह गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई रोकने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि जिस दौरान अतिक्रमण हटाया जा रहा था, उस समय जेसीबी नाले में गिर गयी थी। विरोध कर रहे लोगों के साथ नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार भी उचित नहीं था। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए।
श्री शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अलवर जिला प्रशासन से भी चर्चा की है। उन्होंने कहा कि जहां वास्तविक अतिक्रमण है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाये, लेकिन उससे पहले संबंधित लोगों को नोटिस दिया जाये, चिह्नित किया जाये और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाये। उन्हाेंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही। उन्होंने सवाल उठाया कि शहर में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हुआ है तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी उस समय क्या कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब जिस क्षेत्र में अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां के जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
श्री शर्मा ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन का उद्देश्य व्यवस्था बनाये रखना है, लेकिन कार्रवाई के दौरान आमजन और व्यापारियों के सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और सुशासन के साथ-साथ संवाद और संवेदनशीलता में भी विश्वास रखती है।
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