रांची , जुलाई 14 -- झारखंड भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर कहा है कि भाकपा माले राज्य कमिटी झारखंड में अतिक्रमण हटाने के नाम पर चल रहे बुलडोजर अभियान की कड़ी निंदा करता है।
आवास-विहीन स्थिति में रहनेवाले आदिवासियों और जैसे-तैस गुजर चलानेवाले छोटे-छोटे दुकानदारों को उजाड़ कर हेमंत सरकार खुद को आबुआ सरकार कहने का हक खो रही है।
सड़क किनारे लंबे समय से रह रहे गरीबों को उजाड़ने से पहले सरकार और नगर-निगम को खुद जवाब खोजना चाहिए कि इन गरीबों के लिए आवास की व्यवस्था क्यों नहीं हो पायी।
भूमि-विहीन परिवार उच्छेद के बाद कहां रहेंगे. हेमंत सरकार को रांची में सड़क किनारे रह रहे आदिवासियों और स्थानीय गरीबों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किये बगैर आवास-उच्छेद अभियान को अविलंब बंद करना चाहिए और जो इसके शिकार हुए हैं, उनकी सूची बनाकर अविलंब उनके वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई और उपार्जन करनेवाले अभिभावकों के रोजगार पर असर नहीं पड़े।
रांची में बहुतेरे स्थानीय निवासी भाड़ा पर दुकान लेकर रोजगार कर रहे हैं। दुकान टूटने से उन्हें मुवाअजा और वैकल्पिक दुकान का आबंटन भी नहीं मिला है। आज ऐसे दुकानदार लगातार अपनी मांग को लेकर भटक रहे हैं।
हेमंत सरकार को ऐसे दुकानदारों के राहत के लिए अविलंब कदम उठाना चाहिए। आगामी मानसून सत्र में भाकपा माले इन सवालों को विधानसभा सत्र में सदन उठाएगी और विधानसभा के समक्ष कार्यक्रम भी करेगी।
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