बैतूल , जुलाई 10 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर में अतिक्रमण के कारण नगर पालिका के लगभग 15 विकास कार्य वर्षों से शुरू नहीं हो सके हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और वर्क ऑर्डर जारी किए जाने के बावजूद निर्माण स्थलों से अतिक्रमण नहीं हटने के कारण करोड़ों रुपये की परियोजनाएं ठप पड़ी हैं।
नगर पालिका सड़क, नाली, पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए ठेकेदारों के माध्यम से निर्माण कार्य कराती है। नियमानुसार टेंडर और ठेकेदार चयन के बाद निर्माण स्थल अतिक्रमण मुक्त कर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन पिछले तीन वर्षों में स्वीकृत कई परियोजनाओं में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इनमें कुछ कार्य मार्च 2023 से लंबित हैं।
अतिक्रमण से प्रभावित निर्माण कार्य मालवीय, गांधी, इंदिरा, पटेल, जवाहर, गणेश, राजेंद्र, विनोबा और शंकर वार्ड में प्रस्तावित हैं। इनमें विनोबा वार्ड के चार, शंकर वार्ड के तीन तथा पटेल वार्ड के दो कार्य शामिल हैं, जबकि अन्य वार्डों में एक-एक कार्य लंबित है। इन परियोजनाओं में आरसीसी नाली, पेविंग ब्लॉक, स्वागत द्वार, आरसीसी पुलिया, डामरीकरण और सीसी वेयरिंग रोड का निर्माण शामिल है।
निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय नागरिकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर अधूरी नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जबकि पुलिया निर्माण नहीं होने से बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इन कार्यों को शीघ्र शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच नगर पालिका ने लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में 30 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्य कराए जाएंगे। नगर पालिका के इस निर्णय से लंबित परियोजनाओं के पूरा होने और शहर में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित