लखनऊ , मई 09 -- अडानी इंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अडानी एग्री फ्रेश लिमिटेड (एएएफएल) ने शनिवार को स्टोन फ्रूट श्रेणी में प्रवेश करने की घोषणा की।

कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वह अब हिमाचल प्रदेश में चेरी तथा दूसरे स्टोन फ्रूट की खरीद शुरू करने की योजना बना रही है। इससे फलों की स्टोरेज अवधि बेहतर होगी, किसानों को बड़े बाजार मिलेंगे और उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा।

हिमाचल प्रदेश में एएएफएल के छह जगहों पर मौजूद कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज सुविधाओं को अब चेरी के भंडारण और वितरण के लिए आधुनिक बनाया गया है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और बागवानी विभाग द्वारा 7 मई को आयोजित 'फ्रूट होराइजन 2026: ग्लोबलाइजिंग इंडिआज फ्रूट वैल्यू चेन' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एएएफएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष अग्रवाल ने कहा,"हम आने वाले सीजन से चेरी की खरीद शुरू करेंगे और धीरे-धीरे अन्य स्टोन फ्रूट्स (आड़ू और प्लम आदि) में भी विस्तार करेंगे। यह हमारे सेब खरीद के अनुभव और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की हमारी निरंतर कोशिश का हिस्सा है।"एएएफएल हिमाचल प्रदेश में सेब की खरीद, भंडारण और मार्केटिंग करने वाली शुरुआती संगठित कंपनियों में शामिल है। कंपनी 2006 से अब तक 17,000 से अधिक किसानों से तीन लाख टन से ज्यादा सेब खरीद चुकी है और किसानों को सीधे लगभग 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है।

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