रांची , जनवरी 31 -- झारखंड कांग्रेस के " ब्लॉक संवाद कार्यक्रम " ने मनरेगा संग्राम , पेसा कानून और एसआईआर को लेकर संगठन के अंदर हलचल तेज कर दी है।
कांग्रेस के बीएलए इन तीनों ही मुद्दों पर चर्चा और प्रशिक्षण के बाद अब जनता के बीच जाने को तैयार है। इसी कड़ी में शनिवार को मांडर फॉरेस्ट मैदान और चान्हो के शहीद वीर बुधु भगत इन्टर कॉलेज में कांग्रेस का " ब्लॉक संवाद कार्यक्रम " का आयोजन हुआ। संवाद कार्यक्रम में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की विशेष रूप से मौजूद रहें।
आईसीसी से ट्रेनर के तौर पर राहुल बल के साथ अंजनी रंजन ने बीएलए को प्रमुख जानकारियां दी। इस मौके पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में पारंपरिक ग्राम व्यवस्था को संरक्षित करने के उद्देश्य से कांग्रेस की सरकार ने 1996 में पेसा कानून बनाया था। झारखंड में 18 साल तक राज करने वाली बीजेपी पेसा नियमावली का निर्धारण तक नहीं कर पाई। हमेशा बीजेपी ने इसे उलझाए रखा , ताकि ग्राम सभा को उसका अधिकार नहीं मिल पाए।
आरएसएस ने तो राज्य की जनता को पेसा कानून के अधिकार पर हमेशा भ्रमित करने का भी काम किया। लेकिन राज्य में कांग्रेस-जेएमएम की सरकार ने पेसा नियमावली को लागू कर पारंपरिक ग्राम व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ सामुदायिक संसाधन पर पारंपरिक ग्राम सभा के अधिकार को रेखांकित किया है।
मंत्री सुश्री तिर्की ने कहा कि झारखंड देश का एक ऐसा राज्य है जहां पेसा नियमावली के तहत सरकार की योजना के चयन में ग्राम सभा से परामर्श नहीं लिया जाता , बल्कि सहमति लेना जरूरी है। ये ग्राम सभा को मिली बड़ी ताकत का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को पिछले 10 साल में सिर्फ कमजोर करने और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार को खत्म करने का काम किया। पहले आवश्यकता के अनुरूप ग्रामीणों को योजना और उसके जरिए रोजगार की गारंटी थी। अब केंद्रसरकार योजना भी तय करेगी और उसी के द्वारा योजना स्थान का भी चयन किया जाएगा। मनरेगा में बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को खत्म करने के साथ पलायन को बढ़ावा देने वाला है। एसआईआर के बहाने लोगों को उसके वोट के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस के बीएलए गांव - घर जा कर एसआईआर की प्रक्रिया और जटिलताओं को सुलझाने में जनता का सहयोग करेंगे।
इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता ही बीजेपी के षडयंत्र का माकूल जवाब दे सकते है। मांडर विधानसभा कांग्रेस के कार्यकर्ता मनरेगा संग्राम, पेसा कानून और SIR को सजग है। आज जरूरत गांव - गांव तक लोगों को कानून के तहत मिलने वाले अधिकार को बताने और समझाने की है। चाहे वो बात पेसा कानून की हो, सीएनटी/एसपीटी एक्ट की हो , संविधान में दिए वोट के अधिकार की हो या दूसरे कानून की। आज जानकारी के अभाव में लोग अपने अधिकार को नहीं समझ पा रहे है। कांग्रेस के बीएलए को यही काम करना है। संगठन के संदेश को कानून के तहत मिलने वाले अधिकार को गांव के लोगों तक पहुंचाना होगा।
केन्द्र की मोदी सरकार ने मनरेगा कानून का नाम और इसके मूल स्वभाव को बदलकर न केवल गरीबों, बेरोजगारों की पीठ में खंजर भोंक दिया है बल्कि लोकतंत्र एवं धर्मनिरपेक्षता पर भी प्रहार किया है। यह सभी के लिये खतरे की घंटी है और हम सभी मिलकर केन्द्र सरकार की मंशा को असफल बनाना होगा।
ब्लॉक संवाद कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा, मांडर प्रखंड अध्यक्ष मंगा उरांव , चान्हो प्रखंड अध्यक्ष इस्तियाक, शमीम अख्तरृ, दिलीप सिंह, मोहम्मद मुजीबुल्ला, शिव उरांव, महादेव उरांव, नसीम अंसारी, आबिद अंसारी, अजीत सिंह, सेराफिना मिंज, प्रियंका उरांव, तबारक खान, सरिता तिग्गा, जमील मल्लिक, इरशाद खान, मंगलेश्वर उरांव, आजाद अंसारी अन्य मुख्य रूप से मौजूद थे।
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