बेंगलुरु , फरवरी 25 -- कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने कथित तौर पर एक प्रस्तावित छात्र चर्चा कार्यक्रम को "राष्ट्र-विरोधी" बताते हुए परिसर में प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन किया।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के साइनबोर्ड पर काली स्याही पोत दी और दीवारों तथा संकेत पट्टों पर स्प्रे पेंट किया, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप किया। पुलिस ने एहतियातन लगभग 25 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर में राज्य रिजर्व पुलिस की दो टुकड़ियां तैनात की गयीं।
यह विरोध कथित तौर पर कुनान पोशपोरा मामले से जुड़े एक प्रस्तावित चर्चा कार्यक्रम को लेकर हुआ, जो वर्ष 1991 की एक घटना है, जिसमें कश्मीर में सुरक्षा बलों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। एबीवीपी का आरोप है कि यह कार्यक्रम भारतीय सेना को नकारात्मक रूप में दिखाने और अलगाववादी विचारधाराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा था। संगठन का यह भी दावा है कि इस तरह के आयोजन राष्ट्रीय एकता पर सवाल उठाने वाली गतिविधियों का हिस्सा हैं।
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