अजमेर , सितम्बर 14 -- राजस्थान में अजमेर नगर निगम के चुनाव में सोमवार को घोषित परिणामों में पिछले करीब 36 वर्षों से नगर परिषद और नगर निगम में काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इस बार जनता ने आईना दिखा दिया और यहां 80 वार्डों में से 37 सीटें पाकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।
भाजपा को इस बार यहां 32 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि 11 वार्ड में निर्दलीयों ने बाजी मारी।
किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने पर अब महापौर बनाने की चाबी निर्दलीयों के हाथों में हैं। कांग्रेस को चार सीटों की जरूरत है, लिहाजा इन 11 में से वह कम से कम आधें निर्दलीयों को अपने पाले में लाने का पूरा प्रयास करेगी।
वहीं भाजपा 10 निर्दलीयाें पर डोरे डालेगी। फिलहाल दोनों ही दल निर्दलीयों से सम्पर्क करने का प्रयास कर रहे हैं।
अभी बोर्ड और महापौर का चयन 21 सितम्बर को होगा, लेकिन उससे पहले दोनों ही दलों ने अपने जीते हुए प्रत्याशियों को अपने बाड़ों में बंद किया है तो वहीं बागी होकर चुनाव लड़े कांग्रेस और भाजपा के विजयी निर्दलीय प्रत्याशियों को मनाने का सिलसिला भी अब शुरू कर दिया गया है।
शहर कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने एक बयान जारी करके कहा कि यह जीत कांग्रेस के साथ-साथ अजमेर शहर की जनता की जीत है और भाजपा के कुशासन को उखाड़ फेंकने का संकल्प अब राज्य की जनता ले चुकी है।
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