नयी दिल्ली , अप्रैल 04 -- कांग्रेस ने राजस्थान के अजमेर में दुष्कर्म पीड़ित युवती के साथ न्याय नहीं होने तथा परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से पीड़िता को न्याय और परिवार जनों को सुरक्षा देकर दोषियों को तत्काल सजा देने की मांग की है।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख राजेद्र पाल गौतम ने शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा शासित राजस्थान में 15 साल की दलित बच्ची के साथ 2024 में तीन दबंग युवकों ने दुष्कर्म किया। बच्ची के गर्भवती होने पर उसे दिल्ली लाया गत और फिर अजमेर जाकर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़िता के बयान न्यायधीश के सामने दर्ज कराए जाते हैं लेकिन 8 महीने तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। बाद में एक गिरफ्तारी हुई और उनमे 2 को छोड़ दिया गया जबकि न्यायाधीश के सामने तीनों लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का बयान दिया गया था।
उन्होंने बताया कि दबंगों ने परिवार पर मामला वापस लेने का दबाव डाला, नहीं माने तो कुलहड़ियों से उन पर हमला किया गया। परिजनों को घायल किया गया लेकिन प्रशासन की तरफ से शिकायत होने पर भी उन्हें किसी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई, उल्टे पुलिस अधिकारियों ने मामले को रफ़ा दफा करने का प्रयास किया है।
श्री गौतम ने आरोप लगाया कि दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले सबसे ज्यादा भाजपा शासित राज्यों में हो रहे हैं। उनका कहना था कि पूरे देश में भाजपा शासित राज्यों में जिस तरह से दलित उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं वह चिंताजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में हो रहे है जबकि दूसरे नम्बर पर मध्य प्रदेश और तीसरे स्थान पर राजस्थान है और फिर बिहार है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कमाल की बात यह है कि अजमेर पुलिस दलित युवती के साथ दुष्कर्म करने वालों को छोड़ देती है। बलात्कारी उनके परिवार के लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उनकी फसलों को भी काट कर ले गए हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार को इस मामले में संज्ञान लेते हुए तत्काल दूसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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