बड़वानी , अक्टूबर 26 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र के ग्राम अजगरिया में सतपुड़ा की पहाड़ियों पर खुपस देव धाम के निर्माण और वहां तक सड़क बनाने की घोषणा की है। उन्होंने बारेली भाषा और वन औषधियों के संरक्षण एवं शोध के लिए संस्थान स्थापित करने सहित जनजातीय क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री रविवार रात शिवपंथ समुदाय द्वारा आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने अजगरिया में बालक और बालिकाओं के लिए 100-100 सीटर छात्रावास बनाने की घोषणा की। ग्राम पजरिया (ध) में 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त शेड बनाया जाएगा, जबकि ग्राम धवली में पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी। इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।

डॉ. यादव ने कहा कि बारेली भाषा के संरक्षण और विकास के लिए उससे जुड़े दस्तावेजों का संरक्षण एवं शोध किया जाएगा। बड़वानी में वन औषधियों के संरक्षण और अनुसंधान के लिए वन औषधि शोध संस्थान भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने सिकल सेल बीमारी की रोकथाम के लिए जांच, परामर्श और उपचार सुविधाओं को बढ़ावा देने तथा पात्र जनजातीय परिवारों को वन अधिकार पट्टे देने की बात कही। जिन हितग्राहियों को पट्टे मिल चुके हैं, उनकी रजिस्ट्री कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

नशामुक्ति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन में बुराइयां और विकृतियां पैदा करता है। समाज को इस बुराई से मुक्त करने के लिए सभी को स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिवपंथ समुदाय के नशामुक्ति प्रयासों की सराहना की और संगठन के संस्थापक वनसिंह महाराज तथा उनके बताए मार्ग पर चल रहे कालूसिंह महाराज और सुमली माताजी के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2029 तक देश और मध्यप्रदेश को नशे की बुराई से मुक्त करना है। इसके लिए सरकार और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। जनसहयोग और जनभागीदारी से ही ऐसे अभियानों को जनआंदोलन बनाया जा सकता है।

किसान कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और गौपालन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने और गौशालाओं के संचालन में सहायता देगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में शरद पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए। आयोजन में धार्मिक भजनों के साथ दूध प्रसादी और चावल की खिचड़ी वितरित की गई।

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