चंडीगढ़ , अप्रैल 23 -- कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने पंजाब में लगातार और बिना सूचना के हो रही बिजली कटौती पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है और सरकार छोटे व्यवसायों तथा स्थानीय उद्योगों को भारी आर्थिक संकट की ओर धकेल रही है।

उन्होंने वर्तमान हालात को "अघोषित आपातकाल" बताते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति में अनिश्चितता और अस्थिरता ने व्यापारिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे व्यापारी, छोटे निर्माता और सेवा प्रदाता राज्य भर में परेशान हैं।

विधायक ने आरोप लगाया कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार बिजली व्यवस्था की तकनीकी खामियों को छिपाने के लिए अघोषित कटौती का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि बिजली प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी के कारण आम नागरिक और व्यापारी दोनों ही अंधेरे में हैं। विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के अनुसार, दिन में कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती हो रही है। इससे व्यापारिक गतिविधियां बार-बार बाधित हो रही हैं, उत्पादकता घट रही है और आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। लगातार वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से महंगे उपकरण भी खराब हो रहे हैं, जिससे पहले से संघर्ष कर रहे छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

श्री धालीवाल ने बिजली क्षेत्र में संभावित वित्तीय प्राथमिकताओं में बदलाव की रिपोर्टाें भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कल्याणकारी योजनाओं, जैसे प्रस्तावित मासिक पेंशन योजना के लिए धन जुटाने के प्रयासों का बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ रहा है। इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी है ताकि जनता का विश्वास बना रहे।

उन्होंने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के चेयरमैन से बिजली उपलब्धता, मांग प्रबंधन और लगातार हो रही कटौती के कारणों पर तुरंत स्पष्ट जानकारी देने की मांग करते हुए कहा कि जनता को सही और समय पर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।

उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि बिजली आपूर्ति को स्थिर करने, कटौती का अग्रिम शेड्यूल जारी करने और पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले छोटे व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। व्यापार संगठनों और औद्योगिक निकायों ने भी इसी तरह की चिंताएं जताई हैं और चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो कई छोटे व्यवसायों के लिए संचालन जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।

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