बैतूल , जुलाई 28 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में मुलताई विकासखंड के ग्राम चिकली कला में ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के स्थानीय कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों के अनुसार सोमवार देर रात बड़ी संख्या में लोग बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे और बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग करते हुए नारेबाजी की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दुनावा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से गांव में प्रतिदिन शाम होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है और कई बार पूरी रात बिजली नहीं रहती। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के मौसम में अंधेरा रहने से सांप, बिच्छू तथा अन्य जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल चिकली कला ही नहीं, बल्कि समीपस्थ ग्राम वलनी सहित खेड़ी सांवलीगढ़, हिवरखेड़ी, भीमपुर, चिचोली, चांदू, झल्लार, चुनाहजूरी तथा जिले के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपकेंद्रों से भी लगातार अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। उनका आरोप है कि उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल वसूला जा रहा है, लेकिन नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है।
प्रदर्शन में पिंटू रघुवंशी, हर्षित रघुवंशी, मुन्ना रघुवंशी, धर्मेंद्र रघुवंशी, तुलसीदास ठाकुर, सोनू रघुवंशी, अर्जुन रघुवंशी, घनश्याम रघुवंशी, रवि खंडारे, श्यामा रघुवंशी, शेरू रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली वितरण कंपनी से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, बिजली कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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