कोलकाता , मई 21 -- पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा है कि नवगठित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राज्य में नागरिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है।
सुश्री पॉल ने यूनीवार्ता से विशेष बातचीत में कहा कि उनके विभाग ने मुख्य रूप से पांच मुद्दों को सूचीबद्ध किया है जो राज्य भर के शहरी स्थानीय निकायों को परेशान कर रहे हैं और जिन पर पहले ही काम शुरू किया जा चुका है।
कोलकाता का जिक्र करते हुए मंत्री ने सबसे पहले कहा कि वह हर जगह जलस्रोतों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, "यह अविश्वसनीय है कि पिछली सरकार ने अपने 15 वर्षों के कुशासन में राज्य भर में जलस्रोतों को धड़ल्ले से भरने की घटना पर आंखें मूंद रखी थीं। इन लोगों ने पूर्व कोलकाता वेटलैंड्स (दलदली भूमि) को भी नहीं छोड़ा। यह एक अपराध है कि उन्होंने ऐसा होने दिया।"सुश्री पॉल के अनुसार, आर्द्रभूमि के ऐसे अवैध अतिक्रमण और उन पर बाद में किए गए निर्माण की पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। पूर्व कोलकाता वेटलैंड्स एक संरक्षित रामसर स्थल है जहां स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। भाजपा नेता ने कहा कि उनका विभाग सरकारी-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का उपयोग करके सीवेज और ठोस कचरा पुनर्चक्रण इकाइयां स्थापित करने पर विचार कर रहा है।
मंत्री ने कहा, "राज्य में ठोस कचरा और सीवेज प्रबंधन की स्थिति बहुत खराब है। मुद्दा केवल कचरा इकट्ठा करने और डंप करने का नहीं है। हमें राज्य में उत्पन्न होने वाले कचरे को रीसायकल करने का एक तरीका खोजना होगा।" उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों से निकलने वाले कंक्रीट के मलबे का उपयोग पेवर ब्लॉक बनाने के लिए किया जा सकता है।राज्य भर में सड़कें बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डामर के मिश्रण में प्लास्टिक कचरे को भी मिलाया जा सकता है।
सुश्री पॉल ने कहा, "ये पुनर्चक्रण इकाइयां राज्य के लिए राजस्व उत्पन्न करने वाली भी साबित होंगी। कचरे से उत्पन्न होने वाली बायोगैस राज्य के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है।" मंत्री ने इस बात पर भी विस्तार से बात की कि उचित जल आपूर्ति के अभाव में लोगों को अक्सर अपनी दैनिक गतिविधियों के लिए 'अवैध पंपों और जल आपूर्ति के अन्य साधनों' पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा, "हम पूरी गंभीरता से इस मुद्दे को देख रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बंगाल के हर घर में पाइप के जरिए उचित पानी की आपूर्ति मिले।"सुश्री पॉल ने स्वच्छता के मुद्दे पर कहा कि महिलाओं के लिए उचित शौचालय बनाना और स्कूलों में स्वच्छता सुविधाओं में सुधार करना उनकी 'प्राथमिकताओं' की सूची में शामिल है। उन्होंने कहा, "बंगाल और उसकी राजधानी कोलकाता को राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहिए और भोपाल तथा लखनऊ जैसे बहुत छोटे शहरों द्वारा हासिल किए गए मानकों की बराबरी करने की आकांक्षा रखनी चाहिए।" मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगाए गए उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि भाजपा के नेतृत्व वाला प्रशासन नौकरशाही की कार्रवाई और बुलडोजर के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रहा है।
गौरतलब है कि बंगाल में भाजपा सरकार बनाने के तुरंत बाद कोलकाता के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में कई तोड़फोड़ और बेदखली अभियान चलाए गए। तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी को उनसे जुड़ी संपत्तियों पर कथित अनियमितताओं और अवैध निर्माण को लेकर कम से कम 17 नोटिस जारी किए गए हैं।
सुश्री पॉल ने इस विषय में कहा, "जिस किसी की भी इमारत अवैध होगी, उसे नोटिस दिया जाएगा। ये नोटिस इसलिए भेजे जा रहे हैं ताकि वे उन्हें ठीक कर सकें और प्रशासन को प्रासंगिक दस्तावेज दिखा सकें। यदि वे ऐसा बिल्कुल नहीं कर पाते हैं, तो हमें इमारतों को गिराना होगा क्योंकि वे इलाकों में रहने वाले अन्य लोगों के लिए खतरा पैदा करती हैं।" मंत्री ने यह भी घोषणा की कि उनका विभाग एक जीओ टैगिंग आधारित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित कर रहा है जो निवासियों को कचरे के ढेर या जलजमाव वाले क्षेत्रों की तस्वीरें अपलोड करने की अनुमति देगा। इससे नागरिक निकाय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और अनसुलझी शिकायतें स्वचालित रूप से वरिष्ठ अधिकारियों के पास चली जाएंगी।
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