बैतूल , सितंबर 06 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अगस्त 2026 में जिले में कुल 1,235 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इनमें विभिन्न स्थानों पर आयोजित 13 रक्तदान शिविरों से 942 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ।
रक्तदान अभियान को गति देने में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की पहल और ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अंकिता सीते की सक्रिय भूमिका रही। रक्तदान शिविरों की कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के बाद कलेक्टर ने नियमित और योजनाबद्ध तरीके से शिविर आयोजित करने तथा लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
अगस्त में रक्तांजलि सहित 13 शिविरों से 942 यूनिट रक्त प्राप्त हुआ। शिविरों के अलावा ब्लड बैंक में स्वेच्छा से पहुंचकर किए गए रक्तदान और अन्य माध्यमों से संग्रहित रक्त को मिलाकर कुल संग्रह 1,235 यूनिट तक पहुंच गया। प्रशासन के अनुसार अब लोग आपातकालीन जरूरत के अलावा जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों पर भी रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं।
बढ़े रक्त संग्रह का लाभ गंभीर और जरूरतमंद मरीजों को मिला। अगस्त में ब्लड बैंक की ओर से 80 सिकल सेल और 43 थैलेसीमिया मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 102 गर्भवती महिलाओं को बिना एक्सचेंज और नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया गया।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में रक्तदान अभियान को नियमित व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अंकिता सीते और उनकी टीम सामाजिक संगठनों, विभिन्न संस्थाओं तथा स्वैच्छिक रक्तदाताओं के साथ समन्वय कर रक्त संग्रह बढ़ाने के प्रयास कर रही है।
प्रशासन ने सितंबर से दिसंबर 2026 तक रक्तदान शिविरों का रोडमैप भी तैयार किया है। इसमें सामाजिक संस्थाओं, रक्तदान संगठनों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जरूरत के समय मरीजों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना और उन्हें रक्त की व्यवस्था के लिए भटकने से बचाना है।
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