पिथौरागढ़ , अक्टूबर 25 -- उत्तराखंड सरकार अगले साल मई के पहले सप्ताह में '100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन' का आयोजन करेगी। करीब 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होने वाली यह दौड़ बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गुंजी में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री धामी गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में शामिल हुए। उन्होंने दौड़ में प्रतिभाग करते हुए 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर वर्ग के विजेताओं को पुरस्कृत किया और धावकों के जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दौड़ केवल मैराथन नहीं, बल्कि शारीरिक क्षमता, आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति और साहस की परीक्षा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार प्रस्तावित अल्ट्रा रन से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक खेलों की संभावनाओं से परिचित होने का मौका मिलेगा और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

उन्होंने बताया कि पिछले साल नवंबर में हुए पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था। इसके बाद क्षेत्र में पर्यटकों और साहसिक खेल प्रेमियों का आकर्षण बढ़ा है। वर्ष 2025 में इस क्षेत्र के लिए करीब 36,500 इनर लाइन परमिट जारी हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक यह संख्या 67 हजार से अधिक हो चुकी है। उन्होंने इसे सीमांत क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन का प्रमाण बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन सीमांत गांवों को देश के 'अंतिम' नहीं, बल्कि 'पहले' गांव के रूप में विकसित करने का है। ऐसे आयोजनों से होमस्टे, गाइड, परिवहन और खानपान जैसी सेवाओं से जुड़े स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है, जो वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के विजन को आगे बढ़ाता है। कठिन रास्तों, कड़ाके की ठंड और बदलते मौसम के बीच आयोजन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सेना, एसएसबी और आईटीबीपी के प्रति आभार जताया और उन्हें सम्मानित किया।

गुंजी हेलीपैड पर दर्जा राज्य मंत्री अशोक नबियाल, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, सीडीओ डॉ. दीपक सैनी और आईटीबीपी, सेना व एसएसबी के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। रं समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री को पारंपरिक पगड़ी 'बैंटिलो' और पुरुष परिधान 'रंगा' पहनाकर सम्मानित किया गया।

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