नयी दिल्ली , जून 28 -- अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में सात से 20 सेमी तक अधिक से बहुत अधिक बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने रविवार को विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा कि 29 जून तक पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर असाधारण रूप से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के कुछ इलाकों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में भीषण लू की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति साझा करते हुए विभाग ने बताया कि 28 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बाद के दो-तीन दिनों में मानसून के हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भी दाखिल होने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में कुछ स्थानों पर 39 सेमी तक असाधारण रूप से भारी बारिश दर्ज की गयी है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश (21 सेमी से अधिक) जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गयी है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति दर्ज की गई।

तापमान के आंकड़ों के मुताबिक, बीते दिन पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान और झारखंड के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 से 5.1 डिग्री सेल्सियस तक अधिक था। देश में सबसे अधिक तापमान राजस्थान के फलोदी में 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में तीन और चार जुलाई को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो जुलाई को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक से तीन जुलाई के दौरान व्यापक रूप से तेज बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान इन राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की भी संभावना है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी। दो जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो सकता है।

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