अगरतला , अक्टूबर 30 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने भारत-बंगलादेश सीमा के पास स्थित 'अगरतला लाइट हाउस कॉम्प्लेक्स' के ब्लॉक ए और एफ में 278 लाभार्थियों को फ्लैट की चाबियां सौंपीं। यह कॉम्प्लेक्स राज्य की किफायती आवास योजना के तहत बनाया गया है।

यह परियोजना केंद्र सरकार की 'ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज-इंडिया' (जीएचटीसी -इंडिया) का हिस्सा है, जिसका संचालन आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जाता है। यह कार्यक्रम आधुनिक, टिकाऊ, किफायती और आपदा-रोधी निर्माण तकनीकों को बढ़ावा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और कम आय वाले परिवारों के लिए सुरक्षित और स्थायी घर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की एक प्रमुख प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि एक पक्का घर परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास देता है, साथ ही उनके बेहतर भविष्य के लिए एक आधार भी प्रदान करता है। यह परियोजना उन लोगों को भी अच्छी गुणवत्ता वाले आधुनिक घर उपलब्ध कराने में मदद करती है, जो बड़े शहरों में इन्हें खरीदने का खर्च नहीं उठा सकते।

योजना के अनुसार सात बहुमंजिला ब्लॉकों में लगभग 1,000 फ्लैट बनाये जाने हैं। प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया लगभग 30 वर्ग मीटर (या 320 वर्ग फुट) है। इसकी अनुमानित लागत 162.50 करोड़ रुपये है। निर्माण के दौरान इस परियोजना को कुछ प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ा था। पाइलिंग के काम के दौरान कुछ ऐसी तकनीकी समस्याएं भी सामने आयी, जिनका जिक्र मूल 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (डीपीआर) में ठीक से नहीं किया गया था। श्री साहा ने बताया कि मनोहर लाल और अन्य अधिकारियों के सहयोग से इन समस्याओं को सुलझाया गया और दो ब्लॉकों का निर्माण पूरा किया जा सका।

जीएचटीसी -इंडिया के तहत 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स' के लिए चुने गये छह स्थानों में अगरतला भी शामिल है। अन्य स्थानों में रांची, लखनऊ, इंदौर, राजकोट और चेन्नई हैं। इन परियोजनाओं के जरिए आधुनिक निर्माण तकनीकों का परीक्षण किया जाता है और किफायती आवासों में इनके व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाता है।

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