श्रीगंगानगर , जून 01 -- अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन 23 जून को व्यापारी दिवस के रूप में मनाएगा।
महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष विमल बिहाणी ने सोमवार को बताया कि महासम्मेलन के राजस्थान में श्रीगंगानगर में आयोजित सभा में सर्वसम्मति से प्रतिवर्ष 23 जून को "व्यापारी दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। महासम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों का सम्मान भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभा में चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, उद्योगपतियों और विभिन्न सेवा क्षेत्रों से जुड़े अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के सदस्य शामिल हुए। सभा में वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार देश में इंजीनियर दिवस, पुलिस दिवस, मजदूर दिवस, शिक्षक दिवस, चिकित्सक दिवस, नर्सिंग दिवस एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस मनाए जाते हैं, उसी प्रकार देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले व्यापारी वर्ग के सम्मान में भी एक विशेष दिवस मनाया जाना चाहिए।
महासम्मेलन में सर्व समिति से पारित किए गए प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि व्यापारी वर्ग वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी), आयकर एवं अन्य करों के माध्यम से राष्ट्रीय राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके साथ ही व्यापारियों की भूमिका रोजगार सृजन, बाजार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और देश की आर्थिक गतिविधियों को निरंतर गतिशील बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महासम्मेलन के प्रदेशाध्यक्ष बनवारीलाल सिंघल ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि व्यापारी समाज देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है। व्यापारियों के परिश्रम, ईमानदारी और उद्यमशीलता के कारण ही देश के विकास को निरंतर गति मिल रही है। सभा में उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि "व्यापारी दिवस" का आयोजन व्यापारियों के सम्मान को नई पहचान प्रदान करेगा।
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