जोधपुर , मार्च 08 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को राष्ट्र निर्माण की पाठशाला बताते हुए कहा है कि यह केवल विद्यार्थियों के बीच काम करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि यह युवाओं के मन में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जगाने वाला एक संस्थान है।

श्री शेखावत रविवार रात एबीवीपी द्वारा यशवंत राव केलकर जन्म शताब्दी वर्ष समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने इसे 'संस्कार निर्माण की प्रयोगशाला' बताते हुए कहा कि यह संगठन उस आयु में विचार के बीज बोता है, जब युवा के व्यक्तित्व का निर्माण हो रहा होता है। उन्होंने कहा कि का कार्यकर्ता कभी 'पुराना' या 'पूर्व' नहीं होता, परिषद का संस्कार और स्वाभाविक प्रवृत्ति कार्यकर्ता के भीतर सदैव जीवित रहती है, चाहे वह जीवन के किसी भी मुकाम पर पहुंच जाए।

उन्होंने विद्यार्थी परिषद की यात्रा को तीन प्रमुख कालखंडों में विभाजित किया। उन्होंने कहा कि वह पीढ़ी जिसने घोर प्रतिकूल परिस्थितियों और संघर्ष के बीच संगठन की नींव रखी। वह पीढ़ी जिसने संगठन को विस्तार दिया और वैचारिक धरातल को मजबूत किया। वर्तमान पीढ़ी, जो अब देश 'संपूर्ण परिवर्तन' के दौर से गुजर रहा है। अब समय उस भव्य भवन को सुसज्जित करने का है, जिसका लक्ष्य 'विकसित भारत' है।

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